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Sex Education in hindi - सेक्स शिक्षा हिंदी में

sex education in hindi || सेक्स शिक्षा हिंदी में

सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) आज के समय में बहुत जरुरी हो गयी है।  सेक्स एजुकेशन, सेक्स के सभी पहलुओं के बारे में हमे बहुत अधिक विस्तार से बताती है। इसमें सेक्स से जुड़ी हमारी भावनाएं, हमारी जिम्मेदारियां, मनुष्य के शरीर की रचना हमे मिली है , यौन जो सेक्स में की जाने वाली क्रियाकलाप, प्रजननता जिससे हम अपने परिवार का विस्तार करते है , इसके लिए सही उम्र क्या है ?, हमारे प्रजनन के क्या अधिकार है ?, सुरक्षित सेक्स क्या होता है ?, जन्म नियंत्रण व सेक्स में संयम कैसे करे ? जैसे विषयों के बारे में विस्तार से बताया जाता रहा है।

योन शिक्षा के लिए स्कूल, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और परिवार के अभिभावकों द्वारा कई कार्य किये जाते रहे हैं। हमारे देश में पहले इस विषय पर लोगो को किसी भी तरह की कोई जानकारी
नहीं दी जाती थी क्योकि समाज में इन विषयों पर बात करना गलत माना जाता था। थोड़ी बहुत जितनी भी जानकारी लोगो के पास होती थी, वो भी घर के लोगों द्वारा और दोस्तों के जरिये ही मिलती थी और इसको भी शादी से पहले नहीं  दिया जाता था।

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सेक्स शिक्षा के लिए 19वीं शताब्दी में अंदोलन चलाये गए। इस आंदोलन के बाद से ही सेक्स के विषय में बच्चों और युवाओं को पूरी जानकारी दी जानें लगी। यौन शिक्षा में पुरुषों व महिलाओं के सेक्स स्वास्थ्य के साथ - साथ  गर्भावस्था और इसके बचाव के बारे में बताया जाता है। 

इससे लाभ ये होता है की पुरुषों व महिलाओं को यौन संबंधों से होने वाली बहुत सी बीमारियों, जैसे एचआईवी , एसटीडी आदि से बचाया जा सकता है और इसके लिए  बहुत से तरीके भी समझाए जाते हैं। इसलिए सेक्स एजुकेशन हर बच्चे को घर और स्कूल में जरूर दी जानी चाहिए।

महिलाओं के यौन स्वास्थ्य  - Women Sexual Health in Hindi 


स्तन:

महिलाओं के छाती के हिस्से को स्तन कहते है। इसमें वसा युक्त ऊतक, कई नसे और निप्पल होती हैं। महिलाओं के स्तनों में भारीपन उम्र के साथ साथ आता चला जाता है और बाद में महिलाये इससे स्तनपान की क्षमता को भी विकसित कर लेती हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों के सीने को छाती कहा जाता है।

योनि: 

योनि महिलाओं के जननांग का वह भीतरी भाग होता है जिससे संभोग किया जाता है। महिलाओ का मासिक धर्म और बच्चा जन्म के समय इस जगह से ही बाहर निकलता है।

योनिमुख :

महिला के बाहरी यौन अंग को योनिमुख कहा जाता है। योनिमुख में भगशेफ (क्लिटोरिस) को शामिल किया जाता है और यह जननांग पर होठों की शेप में देखने को मिलता है, इससे योनि को चिकना बनाये रखने में मदद मिलती है।

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गर्भाशय :
 
इस स्थान को गर्भाशय कहा जाता है। यह नाशपाति या फिर आप इसे बंद मुट्ठी के आकार का अंग भी कह सकते हो और ये महिलाओं के पेट के नीचे वाले हिस्से पर होता है। गर्भाशय नीचे की ओर से योनि और ऊपर  से अंडाशय से गर्भाशय तक अंडे ले जाने वाली नली से जुड़ा होता है। इस जगह पर Fertilized अंडे का विकास होते देखा जा सकता है। मासिक धर्म के साथ हर महीने गर्भाशय की परत का भी निर्माण होता है।

हाइमन (Hymen) : 

यह योनि के अंदर पतली सी झिल्ली होती है, जिसे आम भाषा में सील भी कहा जाता है। ये झिल्ली महिलाओं के योनि मुख के मार्ग को संकरा करती है। कई बार योग या यौन संबंध बनाने पर यह झिल्ली (सील) टूट जाती है।